विवेकानंद जयंती पर रांची में उमड़ा युवा शक्ति का सैलाब: 1000 से अधिक युवाओं ने ‘युवाथॉन’ में भरी राष्ट्रवाद की दौड़

रांची, 12 जनवरी: स्वामी विवेकानंद की जयंती यानी ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के पावन अवसर पर आज राजधानी रांची की सड़कों पर गजब का उत्साह देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) रांची महानगर द्वारा आयोजित ‘युवाथॉन’ (मैराथन) में 1000 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद युवाओं के जोश ने पूरे शहर को देशभक्ति और ऊर्जा के रंग में सराबोर कर दिया।

​”मैदान चुनना ही जीत की पहली सीढ़ी”: सौरभ तिवारी

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रख्यात क्रिकेटर सौरभ तिवारी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा:

​”इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को फिटनेस और देश के लिए एक साथ दौड़ते देखना गर्व की बात है। खेल हमें कभी हार न मानने की प्रेरणा देते हैं। आज जिन्होंने दौड़ लगाई है, वे सभी विजेता हैं क्योंकि उन्होंने आलस्य को त्यागकर मैदान को चुना है। स्वामी जी के आदर्शों पर चलकर आप भारत का भविष्य उज्ज्वल करेंगे।”

 

​स्वामी जी के विचारों की प्रासंगिकता

​एबीवीपी रांची महानगर के अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार महतो ने इस जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि इतनी बड़ी भागीदारी सिद्ध करती है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं। उन्होंने जोर दिया कि एबीवीपी का उद्देश्य युवाओं को शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से राष्ट्र के प्रति समर्पित करना है।

​वहीं, प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने स्वामी जी के कथन को दोहराते हुए कहा, “शक्ति ही जीवन है और कमजोरी मृत्यु।” उन्होंने इस मैराथन को केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक संकल्प यात्रा बताया।

​कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां

  • प्रतिभागी: 1000 से अधिक छात्र और युवा।
  • उद्देश्य: स्वस्थ जीवनशैली, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रवाद का प्रसार।
  • मुख्य उपस्थिति: झारखंड प्रांत संगठन मंत्री निलेश कटारे, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य दिशा दित्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शुभम पुरोहित और क्रीड़ा भारती के प्रदेश युवा संयोजक मोनू शुक्ला।

​स्वस्थ भारत, सशक्त भारत

​क्रीड़ा भारती के मोनू शुक्ला ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था, जो राष्ट्र की उन्नति में सहायक होगी। कार्यक्रम के समापन पर विजेताओं को सम्मानित किया गया, लेकिन वहां मौजूद हर चेहरे पर गर्व और संकल्प की मुस्कान थी।

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Author: haqeeqatnaama

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