रांची: राजधानी रांची में कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने एक गंभीर मामले में तय समय सीमा के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं करने पर दशमफॉल थाना के सब इंस्पेक्टर भवेश कुमार रवानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है मामला?
यह मामला एससी-एसटी थाना कांड संख्या 33/25 से जुड़ा है, जो वर्तमान में सीजीएम रांची की अदालत में लंबित है। इस मामले में दो अभियुक्तों ओम प्रकाश भगत और विजय भगत को 5 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। नियमों के अनुसार गिरफ्तारी के 60 दिनों के भीतर पुलिस को न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करना अनिवार्य था।
समय सीमा का पालन नहीं
मामले के अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर भवेश कुमार रवानी निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहे।
अभियुक्तों को मिला डिफॉल्ट बेल का लाभ
जांच अधिकारी की इस लापरवाही का फायदा अभियुक्तों को मिला। 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण माननीय न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(3) के तहत दोनों अभियुक्तों को ‘डिफॉल्ट बेल’ का लाभ देते हुए जमानत दे दी।
जिला अभियोजन कार्यालय से इस चूक की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी राकेश रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सब इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।