चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) | 16 फरवरी, 2026
पश्चिमी सिंहभूम के सदर अस्पताल में सोमवार को अनुशासन और समयबद्धता को लेकर एक बेहद सकारात्मक और अनूठी तस्वीर देखने को मिली। अक्सर सरकारी संस्थानों में देरी से आने वाले कर्मियों पर कार्रवाई या फटकार की खबरें आती हैं, लेकिन यहाँ अधिकारियों ने नाराजगी जताने के बजाय ‘पुष्पगुच्छ’ देकर चिकित्सक को समय की अहमियत समझाई।
यह मामला अल्ट्रासाउंड सेवा से जुड़े चिकित्सक डॉ. फूलचंद हांसदा से जुड़ा है। जब वे निर्धारित समय से काफी विलंब से अस्पताल पहुँचे, तो अधिकारियों ने उन्हें दंड देने के बजाय एक गरिमापूर्ण तरीके से अपनी बात कही।
सम्मान के जरिए जिम्मेदारी का अहसास
अस्पताल के जिला सुपरिटेंडेंट डॉ. शिवचरण हांसदा और खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने डॉक्टर के पहुँचते ही उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका ‘स्वागत’ किया। इस प्रतीकात्मक पहल के पीछे का उद्देश्य किसी को सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाना नहीं, बल्कि यह अहसास कराना था कि एक चिकित्सक के इंतजार में घंटों बैठे मरीजों का समय कितना कीमती है।
दूर-दराज से आने वाले मरीजों की मुश्किलें
सदर अस्पताल में प्रतिदिन सुदूरवर्ती और ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों मरीज पहुँचते हैं। अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच के लिए मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि:
- चिकित्सकों की देरी से मरीजों को शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
- समय पर इलाज मिलना मरीजों का अधिकार है और स्वास्थ्य कर्मियों का कर्तव्य।
- अनुशासन और समयबद्धता से ही सरकारी चिकित्सा तंत्र के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता है।
अस्पताल प्रबंधन का रुख
प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने इस मौके पर कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हर क्षण कीमती होता है। वहीं, डॉ. शिवचरण हांसदा ने स्पष्ट किया कि यह कदम अनुशासन सुनिश्चित करने की एक दिशा है।
”चिकित्सा के पेशे में समय की पाबंदी अनिवार्य है। हमने यह संदेशात्मक पहल इसलिए की ताकि संबंधित चिकित्सक को अपनी जिम्मेदारी का बोध हो सके। भविष्य में सभी कर्मियों से समय का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।”
— डॉ. शिवचरण हांसदा, जिला सुपरिटेंडेंट
चर्चा का विषय बनी यह ‘गांधीगिरी’
अस्पताल परिसर में इस पहल की काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह के सकारात्मक हस्तक्षेप से कर्मियों में स्वैच्छिक सुधार की भावना जागती है। संबंधित चिकित्सक ने भी इस भावपूर्ण चेतावनी को स्वीकार किया और भविष्य में समय का पालन करने की बात कही।