रांची, 12 जनवरी: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। इस गिरते तापमान के बीच आम नागरिकों, विशेषकर बेघर और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री के विशेष निर्देश पर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में नियमित रूप से अलाव (Bonfire) की व्यवस्था की जा रही है।
चिन्हित किए गए ‘हॉटस्पॉट’, जरूरतमंदों को मिलेगी गर्मी
प्रशासन ने उन स्थानों की एक विस्तृत सूची तैयार की है जहाँ रात के समय मजदूर, निराश्रित और मुसाफिरों की संख्या अधिक होती है। इन चिन्हित स्थानों पर हर शाम लकड़ियों की व्यवस्था की जा रही है ताकि लोग ठंड से अपना बचाव कर सकें।
प्रमुख स्थान जहाँ अलाव की व्यवस्था है:
- परिवहन केंद्र: बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन परिसर।
- सार्वजनिक क्षेत्र: शहर के प्रमुख चौक-चौराहे और भीड़भाड़ वाले बाजार।
- ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण इलाकों के वे चौक जहाँ दिहाड़ी मजदूर और श्रमिक इकट्ठा होते हैं।
उपायुक्त के सख्त निर्देश: निगरानी में कोताही नहीं
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अलाव की व्यवस्था केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर उसकी निरंतरता बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर नियमित निगरानी करने को कहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी जरूरतमंद ठंड की चपेट में न आए।
”हमारी प्राथमिकता है कि इस कड़ाके की ठंड में जिले का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह निराश्रित हो या राहगीर, असुरक्षित न रहे। अलाव की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी और इसकी हर दिन रिपोर्ट ली जा रही है।” — प्रशासनिक अधिकारी
जनहित में अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं कोई बेघर या जरूरतमंद व्यक्ति ठंड से परेशान दिख रहा है, तो उसे नजदीकी रेन बसेरा (Night Shelters) तक पहुँचने में मदद करें या संबंधित अंचल अधिकारी को सूचित करें।