जमशेदपुर, 12 जनवरी: टाटा-आदित्यपुर रेल खंड पर रविवार की रात रेल परिचालन को बाधित करने की एक गंभीर कोशिश सामने आई है। पुराने एजी-19 गूमटी के समीप (किलोमीटर संख्या 251/3–5 के बीच) अज्ञात शरारती तत्वों ने रेल सिग्नलिंग सिस्टम की 12 कोर केबल को काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के कारण टाटा यार्ड में सिग्नल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे ट्रेनों के आवागमन पर असर पड़ा है।
ठप हुआ सिग्नल सिस्टम, परिचालन प्रभावित
केबल कटने की वजह से डाउन लाइन में टीसी नंबर 335टी और 336टी तथा अप लाइन में 99टी फेल हो गए। सिग्नलिंग व्यवस्था फेल होने के कारण ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित तरीके से कराने के लिए रेलवे को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलते ही रेलवे के सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुँची और युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया।
प्रमुख प्रभाव:
- टाटा यार्ड: सिग्नल व्यवस्था बाधित होने से परिचालन में देरी।
- तकनीकी विफलता: अप और डाउन दोनों लाइनों के महत्वपूर्ण टीसी (Track Circuit) नंबर हुए फेल।
- सुरक्षा उपाय: संबंधित सेक्शन में ट्रेनों को फिलहाल नियंत्रित गति (Controlled Speed) से चलाया जा रहा है।
तोड़फोड़ या चोरी की कोशिश?
रेलवे अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई तोड़फोड़ का भी प्रतीत हो रहा है। तकनीकी कर्मी इस बात की भी गहन जांच कर रहे हैं कि क्या केबल के अलावा किसी अन्य महत्वपूर्ण उपकरण को भी नुकसान पहुंचाया गया है। रेल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ (RPF) को दोषियों की तलाश करने का निर्देश दिया है।
”केबल काटने की घटना के कारण सिग्नल फेल्योर हुआ था। हमारी टीम मरम्मत में जुटी है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — रेलवे आधिकारिक सूत्र
यात्रियों की परेशानी कम करने की कोशिश
रेल प्रशासन का कहना है कि परिचालन को सामान्य बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक ट्रेनों की आवाजाही थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।