जमशेदपुर, 12 जनवरी: जमशेदपुर वन विभाग ने वन्यजीवों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। ‘वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो’ (WCCB) से मिली गुप्त सूचना के आधार पर विभाग ने साकची गोलचक्कर के पास जाल बिछाकर तीन तस्करों को दबोच लिया। इनके कब्जे से न केवल 35 जिंदा तोते बरामद हुए हैं, बल्कि हिरण के सींग और अन्य प्रतिबंधित अवशेष भी मिले हैं।
साकची गोलचक्कर पर ‘क्विक एक्शन’
सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएफओ (DFO) सबा आलम अंसारी ने बताया कि रविवार शाम को विभाग को पुख्ता जानकारी मिली थी कि साकची इलाके में वन्यजीवों की खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने छापेमारी की और सबसे पहले अभय गुप्ता को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद एक कार्टून से 35 तोते बरामद हुए, जिन्हें बेहद अमानवीय तरीके से पेटी में ठूंसा गया था।
पूछताछ में खुला राज: हिरण के सींग भी बरामद
गिरफ्तार अभय गुप्ता से कड़ी पूछताछ के बाद इस नेटवर्क की कड़ियां और खुलती गईं। उसकी निशानदेही पर वन विभाग ने मो. गुड्डू और समीर अंसारी को उनके घरों से गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के पास से:
- बड़े पैराकेट (तोतों की प्रजाति)
- हिरण के सींग
- अन्य संरक्षित वन्यजीवों के अवशेष बरामद किए गए हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि वन्यजीवों की तस्करी एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा:
”वन्यजीवों का शिकार या उनकी तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह सिंडिकेट कहां तक फैला है, इसकी जांच की जा रही है। बरामद सभी पक्षियों को सुरक्षित वातावरण में छोड़ा जाएगा।”
क्या है सजा का प्रावधान?
पकड़े गए तीनों आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें आरोपियों को भारी जुर्माने के साथ-साथ लंबे समय के कारावास का भी प्रावधान है। फिलहाल, विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इन वन्यजीवों को शहर से बाहर कहां सप्लाई किया जाना था।