वॉशिंगटन, 20 जनवरी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रम्प ने अपने ‘ट्रूथ सोशल’ (Truth Social) हैंडल पर कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को संयुक्त राज्य अमेरिका के क्षेत्र (US Territory) के रूप में दिखाया गया है। एआई (AI) द्वारा निर्मित इन तस्वीरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है।
विवादास्पद मानचित्र और ‘ग्रीनलैंड 2026’
ट्रम्प द्वारा साझा की गई तस्वीरों में ओवल ऑफिस का दृश्य है, जहां पीछे लगे एक विशाल मानचित्र पर इन तीनों देशों को अमेरिकी ध्वज के साथ एक ही रंग में रंगा गया है।
- तारीख की तख्ती: एक अन्य तस्वीर में राष्ट्रपति ट्रम्प, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और विदेश सचिव मार्को रुबियो को ग्रीनलैंड की बर्फीली जमीन पर अमेरिकी झंडा गाड़ते दिखाया गया है। वहां लगी एक तख्ती पर स्पष्ट शब्दों में लिखा है— “ग्रीनलैंड – यूएस टेरीटरी इस्ट. 2026”।
- संदर्भ: यह तस्वीरें अगस्त 2025 में यूक्रेन युद्ध पर हुई एक वास्तविक बैठक की पृष्ठभूमि पर आधारित हैं, जिन्हें डिजिटल रूप से संशोधित किया गया है।
टैरिफ की धमकी और राष्ट्रीय सुरक्षा
ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की अपनी पुरानी इच्छा को दोहराते हुए इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के लिए अपरिहार्य बताया है। उन्होंने डेनमार्क (जिसके अधीन ग्रीनलैंड एक स्वायत्त क्षेत्र है) को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे इस पर सहमत नहीं होते, तो अमेरिका उन पर 10% से 25% तक का टैरिफ लगा सकता है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और कूटनीतिक संकट
हालाँकि व्हाइट हाउस ने इन्हें आधिकारिक नीतिगत घोषणा नहीं माना है, लेकिन नाटो (NATO) सहयोगियों और आर्कटिक क्षेत्र के देशों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है।
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प्रभावित देश |
संभावित प्रभाव |
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कनाडा |
सीमा साझा करने वाले सबसे बड़े सहयोगी के साथ कूटनीतिक दरार। |
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डेनमार्क/ग्रीनलैंड |
संप्रभुता के उल्लंघन और आर्थिक प्रतिबंधों का खतरा। |
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वेनेजुएला |
दक्षिण अमेरिकी राजनीति में भारी उथल-पुथल की आशंका। |
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प की यह ‘डिजिटल डिप्लोमेसी’ केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि आने वाले समय में उनकी आक्रामक विदेश नीति का संकेत हो सकती है। आर्कटिक क्षेत्र के संसाधनों पर नियंत्रण की होड़ इस विवाद का मुख्य केंद्र मानी जा रही है।