DSPMU में फूड फेस्ट पर छिड़ा रार: छात्र संगठनों ने जताई आपत्ति, ‘जायका’ के बजाय प्लेसमेंट और करियर पर ध्यान देने की मांग

रांची, 21 जनवरी: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में प्रस्तावित ‘जायका फूड फेस्ट’ को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्वविद्यालय के प्रमुख छात्र संगठनों ने एकजुट होकर इस आयोजन का कड़ा विरोध किया है। बुधवार को आदिवासी छात्र संघ (एसीएस), आजसू छात्र संघ और एनएसयूआई (NSUI) के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव (Registrar) से मुलाकात कर इस आयोजन को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

विरोध का मुख्य कारण: रोजगार और शैक्षणिक संकट

​छात्र संगठनों का तर्क है कि जब विश्वविद्यालय गंभीर शैक्षणिक और करियर संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है, तब इस तरह के मनोरंजन आधारित आयोजनों का कोई औचित्य नहीं है।

  • रिक्त प्लेसमेंट अधिकारी का पद: एसीएस अध्यक्ष विवेक तिर्की ने बताया कि पिछले तीन महीनों से विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट ऑफिसर का पद खाली पड़ा है। इससे छात्रों को नौकरी के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस दिशा में उदासीन है।
  • सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में: आजसू छात्र संघ ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत बीबीए विभाग (सत्र 2023-27) के करीब 150 से 200 छात्रों का ‘इयर बैक’ (Year Back) मामला लंबित है, जिससे छात्रों में मानसिक तनाव है।
  • मान्यता पर सवाल: संगठनों ने एमबीए और बीबीए पाठ्यक्रमों की AICTE मान्यता को लेकर भी प्रशासन को घेरा।

“फूड फेस्ट नहीं, रोजगार मेला चाहिए”

​छात्र नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि एमबीए और बीबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के विभागों को ‘फूड फेस्ट’ जैसे आयोजन करने के बजाय निम्नलिखित कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए:

  1. प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार मेला: ताकि अंतिम वर्ष के छात्रों को नौकरी मिल सके।
  2. करियर काउंसलिंग: छात्रों को सही दिशा दिखाने के लिए सत्र आयोजित हों।
  3. कौशल उन्नयन (Skill Upgradation): नई तकनीकों और मार्केट डिमांड के अनुसार छात्रों को प्रशिक्षित करना।

आंदोलन की चेतावनी

​ज्ञापन सौंपने के दौरान छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और प्राथमिकताएं नहीं बदलीं, तो वे आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेंगे।

​इस विरोध प्रदर्शन में विवेक तिर्की (एसीएस), सतीश केसरी (एनएसयूआई), रवि रोशन (विश्वविद्यालय संयोजक, आजसू) समेत भारी संख्या में छात्र और पदाधिकारी उपस्थित थे।

आगे क्या? अब सबकी नजरें विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या वे छात्रों की मांगों को मानते हुए ‘जायका फूड फेस्ट’ को स्थगित कर प्लेसमेंट की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

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Author: haqeeqatnaama

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