विकसित भारत जी ग्राम जी योजना व मनरेगा पर वर्चुअल बैठक, झारखंड ने उठाए अहम मुद्दे

रांची। विकसित भारत जी ग्राम जी योजना एवं मनरेगा को लेकर शनिवार शाम केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल कॉन्फ्रेंस (VC) में देशभर के राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक में झारखंड का प्रतिनिधित्व राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया।

बैठक में झारखंड की मंत्री ने मनरेगा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राज्य में लंबित भुगतान का मुद्दा रखते हुए बताया कि मैटेरियल मद में लगभग 950 करोड़ रुपये, मजदूरी मद में 300 करोड़ रुपये तथा प्रशासनिक मद में 36 करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इन बकाया राशियों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। मंत्री ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मजदूरों के बीच निराशा और उदासीनता बढ़ रही है।

मंत्री ने मनरेगा मजदूरी दर बढ़ाने की भी जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर वर्तमान मजदूरी दर अपर्याप्त है और इसे बढ़ाना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर देश के अधिकांश राज्य सहमत हैं, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

विकसित भारत जी ग्राम जी योजना को लेकर उन्होंने कहा कि इस योजना पर राज्यों से पूर्व में पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया। योजना में राज्यों की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी को उन्होंने झारखंड जैसे राज्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ बताया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने यह भी जानकारी दी कि झारखंड विधानसभा ने मनरेगा योजना को यथावत जारी रखने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि 100 दिनों के बजाय 150 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, 60 दिनों के अवकाश संबंधी प्रावधान में भी छूट देने की आवश्यकता बताई, ताकि मजदूरों के सामने रोजगार संकट और पलायन की स्थिति उत्पन्न न हो।

अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि झारखंड के हिस्से की बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि मनरेगा मजदूरों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।

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Author: haqeeqatnaama