दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बोलीं— महिलाओं की भागीदारी से ही बनेगा समृद्ध झारखंड
रांची, 13 जुलाई। रांची स्थित राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD) में सोमवार को पंचायती राज संस्थाओं एवं समुदाय आधारित संगठनों (CBOs) के बीच संस्थागत समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए उप विकास आयुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखिया तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। मंत्री ने कहा कि पंचायतों और समुदाय आधारित संगठनों के बेहतर समन्वय से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और गांव आर्थिक व सामाजिक रूप से अधिक सशक्त बनेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। ग्राम सभाओं में सहायक सचिव के पद पर महिलाओं को प्राथमिकता देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। आज राज्यभर में बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन इस पद पर किया गया है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि समृद्ध झारखंड की कल्पना महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने मनरेगा और स्वयं सहायता समूहों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बिरसा हरित ग्राम योजना को बताते हुए कहा कि इसी मॉडल पर अन्य योजनाओं को भी आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय संसाधनों की अपार संभावनाओं के लिए भी जाना जा सकता है। यदि पंचायतें और समुदाय आधारित संगठन मिलकर कार्य करें तो रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
कार्यक्रम में क्रिस्प के सदस्य एवं पूर्व आईएएस एन. एन. सिन्हा, JSLPS के CEO अनन्य मित्तल, पंचायती राज विभाग की निदेशक बी. राजेश्वरी सहित कई अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।