इटकी, गढ़गांव। गढ़गांव में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों ने जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र, भूमि संबंधी शिकायतों और ग्राम सभा के अधिकारों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। बैठक में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और प्रशासन से समस्याओं के निष्पक्ष समाधान की मांग की।
बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के जोनल प्रभारी राजेश लिंडा ने अंचल अधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन को अपने कार्यों में सुधार करना चाहिए तथा ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र से जुड़े मामलों और कथित अवैध भूमि हस्तांतरण की शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता से कार्रवाई नहीं हो रही है।
राजेश लिंडा ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए और ग्रामीणों की शिकायतों का निष्पक्ष समाधान नहीं किया, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने ग्राम सभा के निर्णयों का सम्मान करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा पात्र लोगों को बिना अनावश्यक बाधा के जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही भूमि संबंधी शिकायतों का समाधान कानून के अनुरूप करने की अपील की।
बैठक में कांग्रेस नेत्री कुमुदिनी प्रभावती ने ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों और उसकी लोकतांत्रिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा गांव की सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्था है और ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं संगठित रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से ग्राम सभा की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाने और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी बात रखने का आह्वान किया।
वहीं सुनीता देवी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की हर लड़ाई एकता और आपसी सहयोग से ही जीती जा सकती है। उन्होंने भाईचारा बनाए रखने, एक-दूसरे का सहयोग करने तथा गांव के हितों की रक्षा के लिए मिलकर संघर्ष करने की अपील की।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी ग्राम सभा को और अधिक सशक्त बनाने, जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान तथा भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई।