सारंडा के जंगलों में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में 1 करोड़ का इनामी अनल दा समेत कई माओवादी ढेर!

चाईबासा, 22 जनवरी 2026 | झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के दुर्गम सारंडा जंगलों में गुरुवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के बीच हुई इस भीषण मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने एक करोड़ के इनामी शीर्ष नक्सली नेता ‘अनल दा’ समेत करीब 10 से 12 माओवादियों को मार गिराया है।

खुफिया इनपुट पर आधी रात से शुरू हुआ ‘ऑपरेशन’

​झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के आला अधिकारियों को सूचना मिली थी कि सारंडा के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंभडीह और किरीबुरु के जंगलों में नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटा है। इसी इनपुट पर कोबरा (CoBRA), झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात ही मोर्चा संभाल लिया।

आमने-सामने की जंग: घंटों चली गोलीबारी

​गुरुवार सुबह जैसे ही सुरक्षा बल नक्सलियों के ठिकानों के करीब पहुंचे, खुद को घिरा देख नक्सलियों ने ऊंचे पहाड़ों और घने पेड़ों की आड़ लेकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और मुंहतोड़ जवाब दिया। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों की आक्रामक रणनीति के आगे नक्सली टिक नहीं सके।

आईजी (अभियान) माइकल राज एस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच सुबह से मुठभेड़ जारी है। जवानों ने नक्सलियों को उनके सुरक्षित किले में घुसकर चुनौती दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।”

 

मैदान-ए-जंग से बरामदगी

​मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने अब तक कई नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इसके अलावा भारी मात्रा में आधुनिक हथियार (AK-47, INSAS), गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री जब्त की गई है। हालांकि, मारे गए नक्सलियों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि ऑपरेशन के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही की जाएगी।

नक्सली नेटवर्क की टूटी कमर

​सारंडा और कोल्हान का इलाका लंबे समय से माओवादियों का गढ़ रहा है। यहाँ मिसिर बेसरा, अनमोल और अनल जैसे बड़े नेताओं की सक्रियता रही है। आज की इस कार्रवाई को नक्सली संगठन के लिए एक ‘डेथ वारंट’ माना जा रहा है, क्योंकि अनल जैसे शीर्ष कमांडर का मारा जाना इस इलाके में माओवाद की जड़ों को हिला देने वाली कामयाबी है।

सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और भाग रहे शेष नक्सलियों की तलाश में ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त फोर्स की मदद ली जा रही है।

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Author: haqeeqatnaama

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