रांची | 26 जनवरी, 2026
झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आज 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया गया। इस मुख्य राजकीय समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की भव्य सलामी ली।
समारोह के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में रांचीवासी मौजूद रहे। तिरंगा फहराने के बाद राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्यवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और झारखंड की प्रगति का एक विस्तृत रोडमैप साझा किया।
नारी शक्ति पर विशेष जोर: आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
राज्यपाल ने अपने संबोधन में विशेष रूप से झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब केवल गृहणी नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति की धुरी बन रही हैं।
”राज्य की ग्रामीण महिलाएं ‘सखी मंडल’ के माध्यम से संगठित होकर स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश कर रही हैं। यह सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि झारखंड के ग्रामीण विकास का आधार स्तंभ है।”
सखी मंडल की उपलब्धियां: आंकड़ों की नजर में
राज्यपाल ने राज्य में चल रही योजनाओं की सफलता को आंकड़ों के जरिए भी स्पष्ट किया:
- नेटवर्क का विस्तार: राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में लगभग 3 लाख सखी मंडलों का गठन किया जा चुका है।
- वित्तीय सहायता: इन मंडलों को सशक्त बनाने के लिए ₹466 करोड़ चक्रीय निधि (Revolving Fund) और ₹2300 करोड़ सामुदायिक निवेश निधि के रूप में प्रदान किए गए हैं।
- कृषि में नवाचार: सखी मंडलों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए राज्य भर में 1505 कस्टम हायरिंग सेंटर्स स्थापित किए गए हैं, जहाँ से कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
- पलाश ब्रांड की सफलता: राज्यपाल ने गर्व के साथ ‘पलाश ब्रांड’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सखी मंडल की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद अब अपनी पहचान बना चुके हैं और बाजार में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस का यह समारोह न केवल परेड की चमक-धमक का गवाह बना, बल्कि इसने झारखंड के बदलते सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य की एक सशक्त तस्वीर भी पेश की। राज्यपाल के संबोधन ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार का आगामी लक्ष्य अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़कर ‘विकसित झारखंड’ के सपने को साकार करना है।
जारी…