राँची, 18 जुलाई 2026 ,झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (जेपीटीएस) की प्रांतीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को राँची के होटल LMT Continental, सिमलिया में प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की सेवा संबंधी ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि वर्षों से लंबित शिक्षकों की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में वर्ष 2015 एवं 2016 में नियुक्त अहर्ताधारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को ग्रेड-4 तथा वर्ष 2016 में नियुक्त अहर्ताधारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को ग्रेड-7 का लाभ शीघ्र प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संघ का कहना है कि निर्धारित सेवा अवधि एवं आवश्यक योग्यता पूरी करने के बावजूद हजारों शिक्षक इन लाभों से वंचित हैं।
कार्यकारिणी ने शिक्षक संवर्ग को समयबद्ध तरीके से ACP/MACP का लाभ उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। इस संबंध में शिक्षा विभाग को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में अंतरजिला एवं अंतःजिला स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की मांग पर भी जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। इस विषय पर विभागीय अधिकारियों से जल्द वार्ता करने का निर्णय लिया गया।
संघ ने ₹4200 एवं ₹4600 ग्रेड पे से संबंधित पदों के विलोपन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे शिक्षकों के हितों के विरुद्ध बताया। कार्यकारिणी ने इस मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया।
बैठक में शिक्षकों के लिए शनिवार को पूर्ण अवकाश अथवा हाफ-डे लागू करने की मांग का समर्थन किया गया। प्रतिनिधियों का कहना था कि इससे शिक्षकों को शैक्षणिक तैयारी, प्रशिक्षण और पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में सुविधा मिलेगी।
शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक समन्वय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगी। साथ ही पात्र महिला शिक्षकों को बिना किसी अनावश्यक बाधा के चाइल्ड केयर लीव का लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी पारित की गई।
संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभिन्न जिलों की समीक्षा करते हुए जिला कार्यकारिणियों के पुनर्गठन, व्यापक सदस्यता अभियान चलाने तथा संगठन को प्रखंड एवं विद्यालय स्तर तक मजबूत करने की कार्ययोजना भी स्वीकृत की गई।
कार्यकारिणी ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करेगा। संघ ने सरकार से शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील एवं सकारात्मक पहल करने की अपील की।
बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।