तोरपा/खूंटी, 20 जुलाई। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान खूंटी जिले के तोरपा में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। रथ खींचने के दौरान बिजली के करंट की चपेट में आने से दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों का इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतकों की पहचान 17 वर्षीय चंदन कुमार (पिता- शाहदेव यादव) और 17 वर्षीय तिजेश्वर गोप (पिता- पाल गोप) के रूप में हुई है।
घायलों में कमलेश गोप (20), रुपेश कुमार सिंह (17), अरमान आलम (16), पंकज राम (17), गिरिराज यादव (17), सूजे लोहरा (13) और निलय एक्का (17) शामिल हैं। सभी श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोपहर के लंच ब्रेक के दौरान छात्र स्कूल से बाहर थे। इसी समय वे भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने और धकेलने के लिए पहुंचे। हालांकि, छात्रों के रथयात्रा में शामिल होने को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि छात्रों को बुलाया गया था, जबकि अन्य के अनुसार वे स्वयं रथयात्रा में शामिल हुए थे। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रथ को आगे बढ़ाते समय उसका लोहे का हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इससे रथ में करंट दौड़ गया और आसपास मौजूद छात्र उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को करंट से अलग कर अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल दो छात्रों को खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे, बिजली लाइन के नीचे रथ निकालने से पहले आवश्यक सावधानियां क्यों नहीं बरती गईं और स्कूली छात्र इस व्यवस्था का हिस्सा कैसे बने—इन सभी पहलुओं की जांच पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही है।
प्रशासन ने कहा है कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने रथयात्रा के उत्साह को मातम में बदल दिया और दो परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।