⚡ ब्रेकिंग: लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन – ‘वंदे मातरम् मां भारती को परतंत्रता से मुक्त कराने का पवित्र संकल्प था’

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (हि.स.)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए इसे संघर्ष, प्रेरणा और बलिदान का मंत्र बताया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि मां भारती को परतंत्रता से मुक्त कराने का पवित्र संकल्प था।

प्रमुख बातें (Key Highlights)

150 वर्षों की यात्रा: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् की 150 वर्ष की यात्रा संघर्ष और अनेक ऐतिहासिक पड़ावों से भरी रही है। उन्होंने कहा कि जब यह 100 वर्ष का हुआ, तब देश आपातकाल की जंजीरों में बंधा था, जब संविधान का गला घोटा गया और देशभक्तों को जेल में डाल दिया गया था।

स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र: मोदी ने जोर देकर कहा कि वंदे मातरम् वह मंत्र था, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पूरे देश को एकता, वीरता और बलिदान की शक्ति दी।

ब्रिटिश दमन का जवाब: उन्होंने बताया कि 1857 के बाद जब ब्रिटिश शासन अत्याचार बढ़ा रहा था, तब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् के माध्यम से अंग्रेज़ी शासन के अभियान—’गॉड सेव द क्वीन’—का सशक्त जवाब दिया। अंग्रेज़ों को इस गीत पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने पड़े थे।

फूट डालो नीति को चुनौती: प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् का उदय ऐसे समय में हुआ, जब अंग्रेज़ ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को आगे बढ़ा रहे थे। बंगाल की बौद्धिक शक्ति और वंदे मातरम् का मंत्र पूरे देश के लिए नई ऊर्जा लेकर आया।

संसद के लिए अवसर: मोदी ने कहा कि आज जब सदन इस चर्चा में शामिल है, तब यहां पक्ष–प्रतिपक्ष नहीं है, बल्कि यह अवसर है उस ऋण को स्वीकार करने का, जिसके कारण हम लोकतंत्र की इस उच्च संस्था में बैठे हैं।

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Author: haqeeqatnaama

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