📝 पेपर लीक से निपटने के लिए पेन-पेपर परीक्षा पर जोर, JRF राशि बढ़ाने की भी सिफारिश: संसदीय समिति

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (हि.स.)।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाली संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने देश में हाल ही में हुए पेपर लीक की घटनाओं से उत्पन्न समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाया है। समिति ने अपनी 371वीं रिपोर्ट में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ऑनलाइन परीक्षाओं पर सवाल उठाते हुए उसकी विश्वसनीयता बहाल करने के लिए पेन-पेपर मोड (Pen-Paper Mode) की परीक्षा को वरीयता देने की सलाह दी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस रिपोर्ट के सुझावों का विवरण साझा किया।

एनटीए और परीक्षा प्रणाली में सुधार

समिति ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता और विश्वसनीयता स्थापित किए बिना छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल नहीं किया जा सकता।

एनटीए पर सवाल: रमेश ने बताया कि हाल के घटनाक्रमों के बाद एनटीए “विश्वास पैदा करने में असफल” रहा है।

मुख्य सिफारिश: समिति ने एनटीए की आंतरिक क्षमता मजबूत किए जाने के साथ-साथ पेन-पेपर आधारित परीक्षा प्रणाली को प्राथमिकता दिए जाने की सिफारिश की है, ताकि पेपर लीक की समस्याओं से निपटा जा सके।

उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी सिफारिशें

समिति ने उच्च शिक्षा संस्थानों में व्यापक सुधारों की भी अनुशंसा की है:

JRF राशि बढ़ाना: समिति ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की राशि में बढ़ोतरी करने की सिफारिश की है।

शिक्षक/गैर-शिक्षण स्टाफ: केंद्र द्वारा वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने का सुझाव दिया गया है।

ICSSR: भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) से जुड़े सभी संस्थानों में रिक्तियों को तत्काल भरने और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का सुझाव शामिल है।

NAAC, UGC और अन्य संस्थानों पर सुझाव

NAAC: नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (NAAC) में पाई गई अनियमितताओं पर एक श्वेतपत्र (White Paper) जारी करने तथा सुधारात्मक कदमों को सार्वजनिक करने की अनुशंसा की गई है।

UGC नियम: जनवरी 2025 के यूजीसी ड्राफ्ट नियमों को शिक्षा की केंद्रीय सलाहकार समिति (CABE) के पास पुनर्समीक्षा के लिए भेजने का सुझाव दिया गया है।

HIAL को मान्यता: समिति ने लद्दाख में सोनम वांगचुक द्वारा संचालित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) को यूजीसी मान्यता देने की भी अनुशंसा की है, क्योंकि यह भारतीय ज्ञान परंपरा और अनुभवात्मक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

ICHAR: समिति ने भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHAR) में अनियमितताओं के आरोपों की जांच कराने पर बल दिया है।

यह एक राष्ट्रीय नीति और शिक्षा समाचार (National Policy and Education News) की रिपोर्ट है।

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Author: haqeeqatnaama

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