💰 झारखंड विधानसभा: ₹7721 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश, छात्रवृत्ति मुद्दे पर हंगामा

रांची, 8 दिसंबर (हि.स.)।

​झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को सदन में ₹7721 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने यह अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। बजट प्रस्तुत होने के बाद, विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

बजट के बाद भी जारी रहा हंगामा

​इससे पहले, दोपहर 12 बजे के बाद कार्यवाही शुरू होते ही सदन में एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के विधायक छात्रवृत्ति के लंबित भुगतान की मांग को लेकर वेल में आ गए। वे जमकर नारेबाजी कर रहे थे और मेजें पीट रहे थे। सुरक्षाकर्मियों (मार्शलों) ने विपक्ष के हाथों में मौजूद पोस्टरों को जब्त कर लिया। अध्यक्ष ने शून्यकाल चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ।

विपक्ष का आरोप: छात्रवृत्ति और किसान मुद्दे पर सरकार विफल

​नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है, जिसके कारण कई छात्र अपनी फीस भरने के लिए होटल में प्लेट धोने को मजबूर हैं।

​उन्होंने किसानों के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि सरकार किसानों का धान नहीं खरीद रही है, जिससे किसान ₹1500–1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर धान बेचने को विवश हैं। मरांडी ने इन मुद्दों पर सदन में चर्चा को आवश्यक बताया और आरोप लगाया कि अधिकारी शून्यकाल में उठाए गए प्रश्नों का उचित जवाब नहीं दे रहे हैं।

सत्ता पक्ष का पलटवार: केंद्र जिम्मेदार

​विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष के मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि छात्रवृत्ति में देरी के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि केंद्र से मिलने वाला फंड राज्य सरकार को उपलब्ध नहीं कराया गया है।

​उन्होंने विपक्ष पर “घड़ियाली आंसू” बहाने का आरोप लगाते हुए प्रश्न किया कि यदि विपक्ष को छात्रों की वास्तव में चिंता है तो वह केंद्र सरकार के सामने विरोध क्यों नहीं दर्ज करा रहा।

haqeeqatnaama
Author: haqeeqatnaama

और पढ़ें