मेघाहातुबुरु में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, स्थानीय भर्ती और अस्पताल की बदहाली पर प्रबंधन को चेतावनी

पश्चिमी सिंहभूम, 10 दिसंबर (रिपोर्ट: हिन्द.स.)।

मेघाहातुबुरु: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मेघाहातुबुरु में बुधवार को झारखण्ड मजदूर संघर्ष संघ की स्थानीय इकाई ने प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जेनरल ऑफिस के समक्ष महासचिव अफताब आलम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जुटे मजदूरों ने गगनभेदी नारों के साथ स्थानीय अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त न करने का स्पष्ट संदेश दिया। प्रदर्शन के कारण प्रशासनिक महकमे में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई।

ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी:

​प्रदर्शनकारियों ने मुख्य महाप्रबंधक, मेघाहातुबुरु को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

यूनियन की प्रमुख मांगें:

​यूनियन का मुख्य आरोप है कि खदानों में बाहरी लोगों की लगातार भर्ती करके स्थानीय युवाओं के रोजगार के हक को छीना जा रहा है, जबकि क्षेत्र के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. 70% आरक्षण: आगामी भर्तियों में कर्मचारी आश्रितों और स्थानीयों को प्राथमिकता देते हुए कम से कम 70 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
  2. रिक्त पदों की भर्ती: लगभग एक हजार रिक्त पदों को अविलंब भरा जाए।
  3. पुरानी भर्ती प्रक्रिया की जांच: पूर्व में हुई भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए उसकी जांच की मांग की गई है।

अस्पताल की बदहाली पर आक्रोश:

​मजदूरों ने क्षेत्रीय अस्पताल की बदहाल स्थिति को भी आंदोलन का अहम मुद्दा बनाया। यूनियन ने आरोप लगाया कि केबीआर-एमबीआर अस्पताल, जिसे रेफरल अस्पताल कहा जाता है, वहाँ एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं है।

​यूनियन ने इसे श्रमिकों की जान से खिलवाड़ बताते हुए तत्काल सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मूत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सहित सभी आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की।

​महासचिव अफताब आलम ने दो टूक कहा कि यूनियन की मांगें पूरी तरह जायज और क्षेत्रीय हित से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो ऐसा उग्र आंदोलन किया जाएगा कि पूरा तंत्र जवाब देने के लिए बाध्य हो जाएगा।

​प्रदर्शन में दयानंद कुमार, अफताब आलम, कामता प्रसाद, सोमा नाग, कुलदीप सिंह, शैलेश बारी, कमल कुमार रजक सहित कई वरिष्ठ श्रमिक नेता और बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।

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Author: haqeeqatnaama

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