खूंटी: अमरदीप गोप हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी ‘बंबईया’ गिरफ्तार

खूंटी, 11 दिसंबर (हि.स.)। तोरपा थाना क्षेत्र के बिलसिंरिंग के पास जंगल में एक जून को बरामद डूमरगड़ी निवासी अमरदीप गोप के शव के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी अर्जुन मुंडा उर्फ अर्जुन उर्फ ‘बंबईया’ (उम्र 49 वर्ष) को डूमरगड़ी से गिरफ्तार कर लिया।

​गुरुवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) क्रिस्टोफर किड्डर ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।

हत्या का कारण: अवैध संबंध और प्रतिशोध

​एसडीपीओ ने बताया कि हत्या का कारण अवैध संबंध और प्रतिशोध (खुन्नस) था।

  • पारिवारिक संबंध: मृतक अमरदीप की चचेरी बहन की शादी आरोपी अर्जुन उर्फ बंबईया से हुई थी।
  • अवैध संबंध: बाद में, बंबईया के अवैध संबंध अमरदीप की सगी बहन से हो गए, और वह दूसरी पत्नी के रूप में उसके साथ रहने लगी थी।
  • हत्या की वजह: अमरदीप की बहन ने बाद में बंबईया को छोड़कर अलग रहने का फैसला किया। बंबईया को शक था कि अमरदीप ही उसके और उसकी दूसरी पत्नी के बीच बाधा बन रहा है। इसी खुन्नस और संदेह में बंबईया ने अमरदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

हत्याकांड की पूरी कहानी

  • घटनाक्रम: 31 मई को बंबईया, अमरदीप को बहाने से बिलसिंग के पास जंगल में ले गया।
  • हत्या का तरीका: दोनों ने वहां शराब पी। जब अमरदीप नशे में धुत हो गया, तो बंबईया ने उसे चट्टान पर पटक दिया, पत्थर से सिर कुचल दिया और गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
  • पहचान मिटाने का प्रयास: आरोपी ने पहचान मिटाने के लिए शव के चेहरे को जलाने का भी प्रयास किया।
  • फरार: घटना के बाद आरोपी कोलकाता और मुंबई में छिपता रहा था।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

​गिरफ्तार आरोपी अर्जुन मुंडा उर्फ ‘बंबईया’ की आपराधिक पृष्ठभूमि है।

  • लंबित मामले: उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित आठ गंभीर मामले तोरपा, बेड़ो, लापुंग और कर्रा थानों में लंबित हैं।
  • नक्सली कनेक्शन: एसडीपीओ ने बताया कि आरोपित प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई का सदस्य भी रह चुका है और नक्सली जेठा कच्छप के गिरोह में शामिल था।

बरामद सामान

​गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:

  • वाहन: टीवीएस अपाचे बाइक (जेएच 01एफएक्स-5788)
  • अन्य सामान: आरोपी का आधार कार्ड, पहचान पत्र, चार मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, तथा मृतक का एटीएम कार्ड
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Author: haqeeqatnaama

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