खूंटी: देश की राजनीति में जारी उबाल का असर गुरुवार को खूंटी की सड़कों पर भी देखने को मिला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर खूंटी जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की नीतियों और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय का घेराव किया और जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
सोनिया-राहुल के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विरुद्ध सरकारी संस्थाओं द्वारा जारी समन और दोषारोपण था। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं की छवि धूमिल करने के लिए ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी संस्थाओं का अनुचित इस्तेमाल कर रही है।
“तानाशाही मानसिकता का करेंगे मुकाबला”
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा:
”मौजूदा सरकार पूरी तरह निरंकुश हो चुकी है। जब न्यायालय में याचिका खारिज हो चुकी है, तो फिर से ऐसी कार्रवाई करना केवल लोकतंत्र और संविधान को खतरे में डालना है। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
रवि मिश्रा ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता चट्टान की तरह खड़ा है और किसी भी तानाशाही मानसिकता का डटकर मुकाबला करेगा।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
घेराव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं:
- पीटर मुंडू (प्रदेश सचिव)
- रामकृष्ण चौधरी (पूर्व जिला अध्यक्ष)
- विलसन तोपनो (प्रदेश उपाध्यक्ष, आदिवासी कांग्रेस)
- सुनीता गोप (महिला कांग्रेस अध्यक्ष)
- सहेंद्र महतो (OBC कांग्रेस अध्यक्ष)
इसके अलावा शशिकांत होरो, ऋतुराज झा, कुणाल कमल कच्छप और जेम्स तोपनो सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
एक नज़र में मुख्य बिंदु:
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विषय |
विवरण |
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स्थान |
भाजपा कार्यालय, खूंटी |
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नेतृत्व |
रवि मिश्रा (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस) |
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मुख्य मुद्दा |
केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग और सोनिया-राहुल को समन |
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नारा |
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा |