कोडरमा: RLSY कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पर शिकंजा, पत्नी की अवैध बहाली और लाखों की हेराफेरी में FIR दर्ज

कोडरमा | 28 दिसंबर, 2025

​झुमरीतिलैया के प्रतिष्ठित राम लखन सिंह यादव (RLSY) महाविद्यालय में एक बड़े वित्तीय घोटाले और प्रशासनिक अनियमितता का खुलासा हुआ है। कॉलेज की वर्तमान प्रभारी प्राचार्या सविता कुमारी ने पूर्व प्राचार्य जितेन्द्र बहादुर के खिलाफ कोडरमा थाने में मामला दर्ज कराया है। पूर्व प्राचार्य पर पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन के गबन, साक्ष्य मिटाने और अवैध नियुक्तियों के गंभीर आरोप लगे हैं।

सरकारी अनुदान में लाखों की हेराफेरी

​दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, झारखंड सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2023-24 के बीच कॉलेज को 27 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था। आरोप है कि जितेन्द्र बहादुर ने इस राशि का जमकर दुरुपयोग किया:

  • महंगी खरीदारी: बाजार दर से कहीं अधिक कीमतों पर सामग्री खरीदी गई।
  • फर्जी भुगतान: घटिया या बिना सामान मिले ही वेंडरों को भुगतान कर दिया गया।
  • बिना रसीद निकासी: कॉलेज के खर्च के नाम पर 16 लाख 55 हजार 350 रुपये की निकासी की गई, जिसका कोई लेखा-जोखा या रसीद कॉलेज के पास उपलब्ध नहीं है।

अपनों को ‘रेवड़ी’ की तरह बांटी नौकरियां

​पूर्व प्राचार्य पर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के जरिए अवैध नियुक्तियां करने का भी आरोप है:

  1. पत्नी की नियुक्ति: बिना किसी वैध प्रक्रिया के अपनी पत्नी अंजना सिंह को समाजशास्त्र विभाग में नियुक्त किया और उन्हें 90 हजार रुपये का भुगतान किया।
  2. प्रोफेसर की पत्नी को लाभ: कॉलेज के ही प्रोफेसर कमलेश कुमार कमल की पत्नी उषा कमल को संगीत विभाग में नियुक्त कर 4 लाख 33 हजार रुपये का भुगतान किया गया।

छात्रों से अवैध वसूली और साक्ष्यों की चोरी

​भ्रष्टाचार का आलम यह था कि नियमित छात्र-छात्राओं से बोनाफाइड सर्टिफिकेट (Bonafide Certificate) के नाम पर 500-500 रुपये की अवैध वसूली की गई, जिससे करीब 5 लाख रुपये जमा किए गए।

​जब मामले की जांच शुरू हुई, तो साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से पूर्व प्राचार्य ने शासी निकाय (Governing Body) की मूल कार्यवाही पंजी (Minutes Register) को ही गायब कर दिया। पद से हटाए जाने के बाद भी वे कॉलेज की नियुक्ति पंजी, योगदान पंजी और अन्य महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज अपने साथ ले गए, जिन्हें कई बार पत्राचार के बावजूद वापस नहीं किया गया है।

प्रशासनिक रुख और जांच

​इस पूरे मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान डीसी ऋतुराज (तत्कालीन डीडीसी) ने अपनी जांच में इन वित्तीय गड़बड़ियों को सही पाया था। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही अधिविद्य परिषद को कार्रवाई के लिए लिखा गया था।

थाना प्रभारी विकास पासवान का बयान:

“कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या के आवेदन के आधार पर पूर्व प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है और जल्द ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

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Author: haqeeqatnaama

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