धनबाद: कोयलांचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (SNMMCH) से बच्चा चोरी होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने न केवल चोरी हुए मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है, बल्कि इस ‘बच्चा चोर गिरोह’ का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला और अस्पताल कर्मी समेत चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
3 लाख में तय हुआ था मासूम का सौदा
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि नवजात की चोरी ममता नहीं, बल्कि पैसों के लालच और सौदेबाजी के लिए की गई थी। आरोपियों ने इस मासूम का सौदा 3 लाख रुपये में तय किया था।
- एडवांस पेमेंट: डील फाइनल होने के बाद 80 हजार रुपये ‘फोन पे’ के जरिए और 70 हजार रुपये का चेक बतौर एडवांस दिया गया था।
- गिरफ्तार आरोपी: इश्तियाक अंसारी (अस्पताल कर्मी), हसिमुद्दीन अंसारी (दलाल), कौशल कुमार सिंह और अभिलाषा सिंह (खरीदार)।
निसंतान मामी के लिए रची गई थी साजिश
सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी अभिलाषा सिंह अपनी निसंतान मामी के लिए बच्चा चाहती थी। इसके लिए उसने 18 दिसंबर को अस्पताल के कर्मियों से संपर्क साधा। अस्पताल के ही कर्मचारी इश्तियाक और दलाल हसिमुद्दीन ने बच्चा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और 27 दिसंबर की रात मौका पाकर मनियाडीह निवासी सरिता देवी के नवजात बच्चे को चुरा लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर छापेमारी की। पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- सफेद स्विफ्ट कार (JH10AG-1661), जिसका इस्तेमाल बच्चे को ले जाने में हुआ।
- 70 हजार रुपये का SBI चेक।
- अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन।
माता-पिता की आंखों में लौटे खुशी के आंसू
पिछले दो दिनों से अपने कलेजे के टुकड़े के लिए तड़प रही सरिता देवी और उनके परिवार को जब सोमवार को पुलिस ने बच्चा सौंपा, तो पूरा माहौल भावुक हो गया। पुलिस की इस तत्परता की जिले भर में सराहना हो रही है।
सावधानी नोट: सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों से अपील है कि वे प्रसूति वार्ड में अजनबियों से सतर्क रहें और अस्पताल प्रशासन सुरक्षा गार्डों की तैनाती सख्त करे।