रांची | 8 जनवरी — झारखंड पुलिस में एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वर्तमान पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने राज्य के सभी थानों में मुंशी पद पर प्रतिनियुक्त झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) और स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (SIRB) के जवानों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
डीजीपी के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि थानों में मुंशी पद पर JAP, IRB और SIRB के जिन जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, वह नियमसम्मत नहीं पाई गई। इसलिए सभी प्रतिनियुक्तियां तत्काल रद्द की जाती हैं।
बताया गया कि यह प्रतिनियुक्ति पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में की गई थी। 29 सितंबर 2025 के आदेश के तहत राज्य के विभिन्न जिलों के थानों में 212 जवानों को मुंशी पद पर तैनात किया गया था। इससे पहले जुलाई 2025 में 89 महिला सिपाहियों को महिला थानों में इसी प्रकार पदस्थापित किया गया था।
हालांकि, इन आदेशों को लेकर विभाग के भीतर ही गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं। JAP की एडीजी प्रिया दुबे ने इन प्रतिनियुक्तियों का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने पुलिस मुख्यालय के आदेश को सेवा नियमों के विरुद्ध बताते हुए कहा था कि JAP, IRB और SIRB के जवानों के तबादले व प्रतिनियुक्ति के लिए एक निर्धारित समिति होती है और उसकी अनुशंसा के बिना ऐसे आदेश जारी नहीं किए जा सकते।
एडीजी प्रिया दुबे ने यह भी स्पष्ट किया था कि थानों में मुंशी पद पर पदस्थापन का अधिकार संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को होता है, न कि सीधे पुलिस मुख्यालय को। उन्होंने 2 अक्टूबर 2025 को डीआईजी (कार्मिक) को पत्र लिखकर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी।
वर्तमान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पदभार ग्रहण करने के बाद इस पूरे मामले की गहन समीक्षा की। सम्यक विचार के बाद उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि पूर्व में जारी प्रतिनियुक्ति आदेश नियमों के अनुरूप नहीं थे। इसी आधार पर थानों में मुंशी पद पर तैनात JAP, IRB और SIRB जवानों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया गया।
यह फैसला झारखंड पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में नियमों के अनुपालन और स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।