आज भगवान बिरसा मुंडा के साथियों और शहीदों के शहादत दिवस पर भव्य मेला आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से झारखंड के कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, खूंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा, कोलेबिरा के विधायक नवल विकसन कोंगगाड़ी, बिरसा मुंडा के वंशज, शहीदों के परिवार और समाजसेवी दयामनी बारला, दुर्गावती ओड़िआ सहित कई अन्य क्षेत्रीय अगुवा शामिल हुए।
इस अवसर पर शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आदिवासी पूर्वजों ने जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। आज भी आदिवासियों को एकजुट होकर अपनी जमीन, जंगल और जल संसाधनों की रक्षा के लिए आंदोलन करने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार और आम जनता के संघर्ष को याद करते हुए कानून और नीतियों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने संबोधन में कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल करना संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने राज्य सरकार से लैंड-बैंक अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग की।
खूंटी के स्थानीय विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि इस मेले को भव्य रूप देकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया है और इसके लिए इसे राजकीय मेला का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला ने चेतावनी दी कि लैंड-बैंक के नाम पर बाहरी लोगों को आदिवासियों की जमीन में बसाया जा रहा है और इससे स्थानीय लोगों का विस्थापन हो रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को अपनी जमीन और संसाधनों की रक्षा के लिए सतत संघर्ष करना होगा।