सीसीएल की स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति: दरभंगा हाउस डिस्पेंसरी में HIMS प्रणाली का शुभारंभ

रांची, 12 जनवरी: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने अपने कर्मियों और उनके परिवारों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को रांची स्थित दरभंगा हाउस डिस्पेंसरी में हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) का भव्य उद्घाटन किया गया।

​इस नई प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्षनाथ मिश्र द्वारा किया गया। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

​स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण: क्या होगा लाभ?

​उद्घाटन के दौरान हर्षनाथ मिश्र ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा:

​”यह नई सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। अब दरभंगा हाउस डिस्पेंसरी में भी गांधीनगर अस्पताल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे न केवल इलाज की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि कर्मियों की ‘केस हिस्ट्री’ भी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी।”

 

HIMS के मुख्य लाभ:

  • डिजिटल केस हिस्ट्री: मरीजों का पिछला मेडिकल रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।
  • त्वरित उपचार: कागजी कार्रवाई कम होने से मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
  • पारदर्शिता: ओपीडी से लेकर दवाओं के वितरण तक की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होगी।

​गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस कार्यक्रम में चिकित्सा और प्रशासनिक विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार, डॉ. राजीव कुमार जायसवाल, डॉ. भगत, डॉ. सांवली के साथ-साथ महाप्रबंधक (स्थापना) संजय कुमार ठाकुर और महाप्रबंधक (प्रणाली) विभा उरांव ने भी शिरकत की।

​डॉ. राजीव जायसवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ‘सार्थक प्रयास’ है। कार्यक्रम के दौरान डिस्पेंसरी के कर्मचारी जैसे आमोद प्रसाद, सरिका प्रसाद और अन्य सहयोगी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नई तकनीकी व्यवस्था के प्रति उत्साह जताया।

​निष्कर्ष

​सीसीएल द्वारा HIMS को अपनाना यह दर्शाता है कि संस्थान अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक को भी अपना रहा है। यह सिस्टम भविष्य में डेटा-आधारित उपचार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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Author: haqeeqatnaama

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