कुपवाड़ा, 20 जनवरी। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज कुपवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा एक विशाल और जीवंत देशभक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का सम्मान करना और स्थानीय निवासियों में राष्ट्रवाद की भावना को सुदृढ़ करना था।
फाउंटेन चौक से बस स्टैंड तक उमड़ा जनसैलाब
रैली का शुभारंभ कुपवाड़ा के प्रसिद्ध फाउंटेन चौक से हुआ, जो शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए जनरल बस स्टैंड पर संपन्न हुई। इस पदयात्रा में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली:
- प्रशासन एवं सुरक्षा: जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान।
- युवा शक्ति: भारी संख्या में स्कूली छात्र और स्थानीय युवा।
- नागरिक समाज: स्थानीय व्यापारी और प्रबुद्ध नागरिक।
पुलिस बैंड और सांस्कृतिक छटा
रैली का मुख्य आकर्षण पुलिस बैंड रहा, जिसने अपनी मधुर और जोशीली देशभक्ति धुनों से पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम के रंग में सराबोर कर दिया।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) कुपवाड़ा द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित नाटक और गीत प्रस्तुत किए गए।
- विषय वस्तु: इन प्रस्तुतियों में स्वाधीनता सेनानियों के बलिदान और ‘वंदे मातरम’ की एकीकरण शक्ति को बखूबी दर्शाया गया।
हंदवारा में भी गूंजी राष्ट्रभक्ति
कुपवाड़ा शहर के साथ-साथ हंदवारा चौक पर भी इस ऐतिहासिक अवसर को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यहाँ पुलिस बैंड की विशेष रैली आयोजित की गई, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
आयोजन का उद्देश्य
जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य युवा पीढ़ी को ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराना है। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि सामाजिक सद्भाव और देश की समृद्ध विरासत के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।