बारामूला, 20 जनवरी। बारामूला के उपायुक्त (DC) मिंगा शेरपा ने आज बारामूला-उरी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-1) के पैकेज-IV सड़क चौड़ीकरण कार्यों का व्यापक जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य की गति का आकलन करना और सड़क विस्तार के दौरान आम जनता को होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करना था।
धनखान क्षेत्र में भूस्खलन पर विशेष चिंता
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से धनखान क्षेत्र का जायजा लिया। हाल ही में हुए भूस्खलन के कारण इस मार्ग पर यातायात बाधित हुआ था, जिससे यात्रियों के लिए सुरक्षा जोखिम पैदा हो गया था।
उपायुक्त के प्रमुख निर्देश:
- गति और सुरक्षा: निर्माण एजेंसियों को भूस्खलन-संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य की गति तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बार-बार होने वाली बाधाओं को स्थायी रूप से रोका जा सके।
- निवारक उपाय: भविष्य में भूस्खलन के खतरे को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक और तकनीकी मानकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: कार्य के दौरान जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी ‘यातायात परिवर्तन योजना’ (Traffic Diversion Plan) लागू करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
मिंगा शेरपा ने सहायक राजस्व आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ कई निर्माण स्थलों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
“राष्ट्रीय राजमार्ग का यह हिस्सा सामरिक और सार्वजनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी ताकि समय सीमा के भीतर और सुरक्षा मानकों के साथ कार्य पूर्ण हो सके।” — मिंगा शेरपा, उपायुक्त बारामूला
जनता की सुविधा प्राथमिकता
डीसी ने कार्य एजेंसियों को निर्देश दिया कि निर्माण के दौरान वाहनों का आवागमन सुचारू बना रहना चाहिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और इंजीनियरों को सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन न करने की कड़ी चेतावनी भी दी।