लोहरदगा | 25 जनवरी, 2026
लोहरदगा जिले के कुडु प्रखंड अंतर्गत उरूमुरु गांव में रविवार को हुई सांप्रदायिक तनाव की घटना के बाद अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। जिला प्रशासन की तत्परता और दोनों समुदायों के प्रबुद्धजनों की सूझबूझ से गांव में शांति और आपसी भाईचारा बहाल करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
शांति समिति की बैठक में बड़े फैसले
घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिज़वी और अपर समाहर्ता जितेन्द्र मुंडा की मौजूदगी में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। इस बैठक में निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर सहमति बनी:
- संयुक्त जांच कमेटी: भविष्य में किसी भी विवाद के निपटारे और शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों ने मिलकर एक कमेटी बनाई है।
- DJ पर प्रतिबंध: सौहार्द बिगाड़ने वाले शोर को रोकने के लिए किसी भी धार्मिक जुलूस या कार्यक्रम में डीजे (DJ) बजाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- दोषियों पर कार्रवाई: घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने पर दोनों पक्ष सहमत हुए।
घायलों की स्थिति और प्रशासनिक सतर्कता
इस अप्रिय घटना में घायल हुए व्यक्तियों का इलाज लोहरदगा सदर अस्पताल में चल रहा है। वरीय चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की हालत अब स्थिर है और उन्हें पर्याप्त उपचार दिया जा रहा है।
”प्रशासन की पहली प्राथमिकता क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखना है। हम उन असामाजिक तत्वों को नहीं बख्शेंगे जिन्होंने समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की है।” – सादिक अनवर रिज़वी (SP, लोहरदगा)
अफवाहों से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने आम जनता और युवाओं से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook) पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी संदेश को बिना पुष्टि के फॉरवर्ड करना अपराध की श्रेणी में आ सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से सजग रहने और किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा है।
फिलहाल, उरूमुरु गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और दोनों समुदायों ने संकल्प लिया है कि वे भविष्य में किसी भी विवाद से बचकर सांप्रदायिक सौहार्द को सर्वोपरि रखेंगे।