रांची | 25 जनवरी, 2026
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जहाँ एक ओर देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की चर्चा हो रही थी, वहीं राजधानी रांची के वार्ड संख्या–32 (टंगराकोचा, रातु रोड) के नागरिकों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर हुंकार भरी। रांची सिटीजन फोरम के बैनर तले आयोजित इस बैठक में क्षेत्र में व्याप्त गंभीर पेयजल संकट और नगर निगम की उदासीनता पर गहरा रोष प्रकट किया गया।
वार्ड-32: ‘ड्राई जोन’ और पानी की त्राहि-त्राहि
बैठक की अध्यक्षता कर रहे फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला के समक्ष स्थानीय निवासियों ने अपनी व्यथा सुनाई। नागरिकों ने बताया कि वार्ड-32 पूरी तरह ‘ड्राई जोन’ में तब्दील हो चुका है। बैठक की संयोजक और पूर्व वार्ड पार्षद गीता कुजूर ने खुलासा किया कि:
- नगर निगम द्वारा कराई गई बोरिंग का मोटर पिछले 6 महीनों से खराब पड़ा है।
- जलापूर्ति ठप होने के कारण जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रही है।
चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी
बैठक में एक बड़ी घोषणा करते हुए दीपेश निराला ने कहा कि रांची सिटीजन फोरम अब केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी रांची नगर निगम चुनाव में फोरम शहर के सभी 53 वार्डों में योग्य प्रत्याशियों को अपना समर्थन देगा, ताकि बुनियादी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो सके।
समस्याओं की लंबी फेहरिस्त
जलापूर्ति के अलावा बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
- स्वच्छता: कचरा उठाव का अनियमित होना और नालियों का निर्माण न होना।
- बिजली: कम वोल्टेज की समस्या और लटकते खतरनाक बिजली के तार।
- सुरक्षा: स्ट्रीट लाइटों का खराब होना और आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: सीवरेज का काम अधूरा पड़ा होना।
सामूहिक पहल का संकल्प
बैठक में उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, संयुक्त सचिव संतोष मृदुला और मनीष बक्शी सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों (नगर निगम, बिजली विभाग आदि) के साथ समन्वय स्थापित कर एक प्रभावी आंदोलन और ठोस पहल की जाएगी।
बैठक में मुख्य रूप से ललित नारायण ओझा, जीतू उरांव, राधा देवी, ममता कुमारी और सागर टोप्पो सहित दर्जनों मोहल्लेवासी उपस्थित थे।