शहीद सोमा उरांव की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रांची | 08 फरवरी, 2026

​झारखंड की माटी के वीर सपूतों का बलिदान प्रदेश की पहचान है। इसी गौरवशाली परंपरा को याद करते हुए आज मांडर प्रखंड के शकरपदा गांव में देश की सीमा पर प्राण न्योछावर करने वाले शहीद हवलदार सोमा उरांव की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

​”शिक्षा ही विकसित समाज की नींव”: शिल्पी नेहा तिर्की

​श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भावुक नजर आईं। उन्होंने शहीद सोमा उरांव के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा:

​”देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के प्रति हमारा समाज सदैव ऋणी रहेगा। हमें उनके परिवारों के प्रति न केवल सम्मान, बल्कि गहरी संवेदना और जिम्मेदारी भी रखनी चाहिए।”

​मंत्री ने विशेष रूप से शहीद की पत्नी पूनिया उरांव के संघर्षों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पति को खोने के बाद भी जिस तरह उन्होंने बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही वह हथियार है जिससे एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव है।

​ग्रामीण विकास और किसानों के लिए प्रतिबद्धता

​अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार शहीद परिवारों के सम्मान और गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

  • कृषि और सहकारिता: विभाग द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई नई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था: पशुपालन और सहकारिता के माध्यम से गांवों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

​2010 में गुलमर्ग की बर्फीली चोटियों पर दी थी शहादत

​बता दें कि हवलदार सोमा उरांव 8 फरवरी 2010 को जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे। उनकी याद में हर साल यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जो युवाओं में देशभक्ति का जज्बा भरता है।

​कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथि

​इस गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा में शहीद की पत्नी पूनिया उरांव के अलावा मांडर प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव, पौलूस तिर्की, बंधु टोप्पो, और राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय के शिक्षक व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी नम आंखों से अपने नायक को याद किया।

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Author: haqeeqatnaama

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