न्याय रथ ने जगन्नाथपुर में विद्यार्थियों को दी कानूनी अधिकारों और स्वास्थ्य जागरूकता की जानकारी

पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के 90 दिवसीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत शनिवार को न्याय रथ जगन्नाथपुर पहुंचा। राजकीय रसेल उच्च विद्यालय प्लस-टू में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों, निःशुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

अभियान का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन और डीएलएसए सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कानूनी रूप से जागरूक बनाना तथा उन्हें न्याय व्यवस्था तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में डीएलएसए के मुख्य एलएडीसी अधिवक्ता सुरेंद्र प्रसाद ने विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और कानून की बुनियादी जानकारी रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी केवल विवादों के समाधान के लिए नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी जरूरी है। संवैधानिक अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की प्रतिनिधि लक्ष्मी मुंडा ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण कई गंभीर बीमारियों से बचाव का प्रभावी माध्यम है और विद्यार्थियों को स्वयं के साथ-साथ समाज में भी स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुषमा जोंको ने लीगल लिटरेसी क्लब की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने में सहायक होते हैं।

वहीं, पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) उमर सादिक ने थाना स्तर पर पीएलवी की भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएलवी समाज और न्याय व्यवस्था के बीच कड़ी का काम करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया। संवादात्मक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता को बढ़ावा मिला।

आयोजकों ने बताया कि 90 दिवसीय अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक कानूनी जानकारी पहुंचाना और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।

Lucky Sahu
Author: Lucky Sahu