पूर्वी सिंहभूम, 14 जून (हि.स.)। बागबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से अधूरी पड़ी ग्रामीण जलापूर्ति योजना को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने टाटानगर स्टेशन गोलचक्कर पर एक दिवसीय अनशन और प्रदर्शन किया। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित आंदोलन का नेतृत्व पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव ने किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया था। योजना के तहत तीन वर्षों में घर-घर पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन करीब एक दशक बीत जाने के बाद भी योजना धरातल पर पूरी नहीं हो सकी है। इसके कारण क्षेत्र के हजारों परिवार अब भी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
अनशन के दौरान किशोर यादव ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और कार्यकारी एजेंसी की लापरवाही के कारण योजना लगातार लंबित है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जून के पहले सप्ताह से जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक लोगों को पानी नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि आश्वासन पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन और विभाग को चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर योजना पूरी कर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई तो विभागीय कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और तालाबंदी की जाएगी।
प्रदर्शन में ग्राम विकास संघर्ष समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने यह भी नाराजगी जताई कि अनशन के दौरान कोई वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।