मोरहाबादी बाजार के दुकानदारों का नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज

 

रांची, 08 जुलाई।
रांची के मोरहाबादी बाजार के सैकड़ों दुकानदारों ने बुधवार को नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में निगम कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकानदारों ने सड़क पर सब्जियां सजाकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया और बाजार के लिए स्थायी एवं वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।

प्रदर्शनकारी दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2014 में फुटपाथ दुकानदारों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नियम बनाए गए थे, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने उनके पुनर्वास के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की। उनका आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल गरीब और फुटपाथ दुकानदारों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि उनके रोजगार की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

दुकानदारों ने बताया कि रोजाना दुकान लगाने में उन्हें पांच से छह हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। बार-बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उनकी पूंजी और सामान का नुकसान होता है, जिससे आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि मोरहाबादी बाजार से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बाजार हटाना उचित नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि नगर निगम भवन जनता के टैक्स के पैसे से बना है, इसलिए प्रशासन को फुटपाथ दुकानदारों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले वैकल्पिक बाजार स्थल उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो।

दुकानदारों ने दावा किया कि मेयर ने पहले वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने प्रशासन से जल्द अपने वादे को पूरा करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मोरहाबादी बाजार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत तरीके से जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि रांची नगर निगम ने तीन जुलाई से मोरहाबादी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। निगम के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है।

 

Mihir Tripathi
Author: Mihir Tripathi