रानी चुआं से निकलती है स्वर्णरेखा, संरक्षण की राह देख रहा उद्गम स्थल

राँची के नगड़ी क्षेत्र में स्थित पांडु गांव के पास मौजूद रानी चुआं झारखंड की प्रमुख नदी स्वर्णरेखा का उद्गम स्थल है। राँची के पठारी क्षेत्र से निकलने वाली यह नदी बंगाल की खाड़ी में मिलने से पहले लगभग 474 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करती है। अपने प्रवाह के दौरान यह झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है।

इस सफर में स्वर्णरेखा नदी में कई सहायक नदियाँ आकर मिलती हैं। नदी पर बने विभिन्न बांध सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, ऊँचाई से गिरते झरनों का मनोहारी दृश्य इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को और भी आकर्षक बना देता है।

हालांकि, नदी के आसपास विकास के नाम पर कई उद्योग स्थापित हो चुके हैं। ईंट-भट्ठों से बढ़ता प्रदूषण, जमीन की बढ़ती कीमतें और तेजी से फैलता शहरीकरण इस क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे में स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल और इसके प्राकृतिक परिवेश को संरक्षित रखना बेहद आवश्यक है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में यह ऐतिहासिक और जीवनदायिनी नदी केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित होकर रह सकती है।

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Author: Lucky Sahu