SEBI कार्रवाई से घिरी राजेश एक्सपोर्ट्स, LIC और 1.94 लाख निवेशकों की बढ़ी चिंता

बाजार नियामक SEBI की हालिया कार्रवाई के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी पर लगे कथित ₹15 लाख करोड़ के घोटाले के आरोपों के बीच उसकी बाजार पूंजी (मार्केट कैपिटलाइजेशन) घटकर लगभग ₹3 हजार करोड़ रह गई है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।

कंपनी में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC की करीब 10.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि लगभग 1.94 लाख रिटेल निवेशकों की संयुक्त हिस्सेदारी 14.13 प्रतिशत बताई जा रही है। ऐसे में मामले का असर केवल संस्थागत निवेशकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में छोटे निवेशक भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

SEBI की घोषणा के बाद बाजार में प्रतिक्रिया देखने को मिली और LIC के शेयरों में भी करीब 1.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी ने कोई गलत कार्य नहीं किया है।

कंपनी का दावा है कि पूरा विवाद SEBI के साथ संचार (कम्युनिकेशन) में हुई गलतफहमी के कारण उत्पन्न हुआ है और मामले को स्पष्ट करने के लिए नियामक के साथ लगातार संवाद जारी है।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मामले की पूरी सच्चाई जांच और नियामकीय प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल निवेशकों की नजर SEBI की अगली कार्रवाई और कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

Lucky Sahu
Author: Lucky Sahu