झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित 8.86 एकड़ जमीन घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) की विशेष अदालत ने उनकी ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों को इस स्तर पर खारिज करने का पर्याप्त आधार नहीं बनता है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है।
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दलील दी गई थी कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। बचाव पक्ष का यह भी कहना था कि उन्हें इस मामले में अनावश्यक रूप से फंसाया जा रहा है।
हालांकि, विशेष अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।