नगड़ी की उपजाऊ कृषि भूमि पर प्रस्तावित रिम्स-2 निर्माण परियोजना के विरोध में आदिवासी समाज, किसानों और ग्रामीणों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को मोरहाबादी क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिया गया।
भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मोरहाबादी मैदान में डटे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगड़ी की उपजाऊ कृषि भूमि पर अस्पताल निर्माण से किसानों की आजीविका प्रभावित होगी और कृषि भूमि का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
आंदोलनकारियों ने सरकार से रिम्स-2 परियोजना के लिए वैकल्पिक भूमि चयन करने की मांग की। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर खेती योग्य जमीन का अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्थिति को देखते हुए मोरहाबादी और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।