जमशेदपुर की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्टिस्ट फोरम ऑफ जमशेदपुर की ओर से आयोजित दो दिवसीय कला प्रदर्शनी ‘शिमुल-26’ का शनिवार को शुभारंभ हुआ। बंगाल क्लब स्थित आचार्य नंदलाल बोस आर्ट गैलरी में आयोजित इस प्रदर्शनी में शहर और आसपास के क्षेत्रों के उभरते कलाकारों की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
सुबह 9:30 बजे उद्घाटन के साथ शुरू हुई प्रदर्शनी में पेंटिंग, स्केच, वॉटर कलर, एक्रेलिक आर्ट, आधुनिक कला और पारंपरिक चित्रकला की विविध कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। कलाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकृति, सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक जीवन की चुनौतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
उद्घाटन समारोह में कलाकारों, कला प्रेमियों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही। आगंतुकों ने प्रदर्शित कलाकृतियों का अवलोकन कर कलाकारों की सृजनात्मक सोच, कल्पनाशीलता और तकनीकी कौशल की सराहना की। कई कलाकृतियां अपनी विषय-वस्तु और रंग संयोजन के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
आर्टिस्ट फोरम ऑफ जमशेदपुर के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘शिमुल-26’ का उद्देश्य स्थानीय और नए कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। साथ ही कला और संस्कृति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।
आयोजकों ने कहा कि कला समाज की भावनाओं, विचारों और बदलावों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को अनुभवी कलाकारों की रचनाओं से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
दो दिवसीय यह प्रदर्शनी 13 और 14 जून तक चलेगी। आम लोगों के लिए प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। आयोजकों ने शहरवासियों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों से प्रदर्शनी में पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
आर्टिस्ट फोरम ऑफ जमशेदपुर ने विश्वास जताया कि ‘शिमुल-26’ कलाकारों और दर्शकों के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनेगी तथा जमशेदपुर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने में योगदान देगी।