रामगढ़ में अवैध कोयला खदान में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत

रामगढ़, 13 जून (हि.स.)। रामगढ़ जिले के Central Coalfields Limited (सीसीएल) के अरगड्डा प्रक्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जंगल क्षेत्र में बने एक अवैध कोयला मुहाने में फंसने से चार मजदूरों की मौत हो गई। घटना अरगड्डा पुराने माइंस के सामने स्थित चपरी गांव के काजू बागान क्षेत्र में हुई। शनिवार को पुलिस और माइंस रेस्क्यू टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले।

मृतकों की पहचान किशोर, आशीष, देवा और डब्बू के रूप में हुई है। बताया गया कि सभी मजदूर अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदाननुमा मुहाने में उतरे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण उनका दम घुट गया और वे बाहर नहीं निकल सके।

घटना की जानकारी मिलते ही Jharkhand Police के अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे, कुज्जू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह समेत पुलिस बल ने स्थिति संभाली। इसके बाद माइंस रेस्क्यू की 12 सदस्यीय टीम को बचाव अभियान में लगाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद चारों शवों को बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व कर रहे माइंस रेस्क्यू इंचार्ज विकास कुमार ने बताया कि अवैध कोयला मुहाना बेहद खतरनाक स्थिति में था। करीब 30 फीट नीचे उतरने के बाद लगभग 40 फीट अंदर तक खुदाई की गई थी। रेस्क्यू टीम के अंदर पहुंचने पर वहां ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम पाया गया। सामान्य वातावरण में जहां ऑक्सीजन करीब 21 प्रतिशत होती है, वहीं अंदर केवल 9 प्रतिशत ऑक्सीजन मिली।

उन्होंने बताया कि इतनी कम ऑक्सीजन में किसी व्यक्ति का लंबे समय तक जीवित रहना संभव नहीं है। आशंका है कि मजदूरों को सांस लेने में परेशानी हुई और वे बेहोश होकर वहीं फंस गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नीतीश कुमार ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि जंगल क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध मुहानों को बंद करने की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूरी या लाभ के लिए लोग बिना सुरक्षा इंतजाम के अवैध सुरंगों में उतर जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

डीएफओ ने कहा कि ऐसे स्थानों पर बिना तकनीकी निगरानी, सुरक्षा उपकरण और ऑक्सीजन व्यवस्था के काम करना बेहद जोखिम भरा है। वन विभाग की ओर से अवैध मुहानों को बंद करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अवैध खनन गतिविधियों से दूर रहें।

कुज्जू ओपी पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार हादसे की मुख्य वजह प्रथम दृष्टया ऑक्सीजन की कमी मानी जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और अवैध खनन में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने और प्रभावित लोगों के लिए रोजगार के विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

Lucky Sahu
Author: Lucky Sahu