एचईसी को बचाने के लिए ठोस रोडमैप जरूरी, कर्मचारियों की समस्याओं का हो समाधान : लालदेव सिंह

रांची, 14 जून (हि.स.)। हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से संस्थान के पुनरुद्धार के लिए तत्काल ठोस पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस औद्योगिक उपक्रम को बचाने के लिए प्रभावी योजना और उसके क्रियान्वयन की जरूरत है।

रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में लालदेव सिंह ने कहा कि एचईसी की खराब आर्थिक स्थिति का सबसे अधिक असर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ रहा है। वेतन, पेंशन और अन्य बकाया भुगतान लंबे समय से लंबित हैं, जिससे हजारों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एचईसी के पुनर्जीवन और उत्पादन गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कई बार श्रमिक संगठनों, विशेषज्ञों और विभिन्न पक्षों की ओर से सुझाव दिए गए, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके कारण संस्थान की स्थिति लगातार कमजोर होती गई।

यूनियन उपाध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की अनदेखी से रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे और श्रमिक हितों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को मजबूत करने पर जोर दिया।

लालदेव सिंह ने श्रम कानूनों में किए गए बदलावों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि हटिया कामगार यूनियन कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाया भुगतान, सामाजिक सुरक्षा तथा एचईसी के अस्तित्व की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि यूनियन विभिन्न मुद्दों को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ रही है और आगे भी श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से एचईसी के पुनरुद्धार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने, लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराने और उत्पादन गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

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Author: Lucky Sahu