हटिया मजदूर यूनियन और अन्य मान्यता प्राप्त यूनियनों की संयुक्त सभा गुरुवार को आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) के अध्यक्ष भवन सिंह ने की। बैठक में मजदूरों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा करते हुए आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए हरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बैठक का उद्देश्य मजदूरों की समस्याओं को सुनना और उनकी सहमति से आंदोलन की रणनीति बनाना है। इस दौरान मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों और परेशानियों को यूनियन के समक्ष रखा, जिसे दर्ज किया गया।
भवन सिंह ने कहा कि पिछले संघर्ष के दौरान सप्लाई मजदूरों ने जिन मांगों को हासिल किया था, उन्हें दोबारा प्राप्त करना यूनियन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थायी सप्लाई मजदूरों की पदोन्नति, केंद्रीय वेतनमान सहित अन्य मांगों को शामिल कर मांग पत्र तैयार किया जाएगा और मजदूरों की सहमति के बाद प्रबंधन को सौंपा जाएगा।
उन्होंने बताया कि दोनों यूनियन जल्द ही संयुक्त बैठक कर मांग पत्र को अंतिम रूप देंगी। पदोन्नति और सप्लाई मजदूरों को केंद्रीय वेतन दिलाने को लेकर यूनियन पहले ही प्रबंधन को पत्र दे चुकी है।
एचईसी में बंदी की चर्चाओं पर भवन सिंह ने मजदूरों से उत्पादन पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े फैसले से पहले मान्यता प्राप्त यूनियनों से राय ली जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। केंद्र सरकार से पैकेज और आधुनिकीकरण की मांग को लेकर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मजदूरों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि एकता के बल पर ही अधिकार हासिल किए जा सकते हैं।
बैठक के अंत में मजदूरों ने मांगों को लेकर यूनियनों के साथ संघर्ष में साथ देने का भरोसा जताया। यूनियनों ने प्रबंधन से अपील की कि आर्थिक तंगी का हवाला देकर काटी गई मजदूर सुविधाओं और मांगों को वापस किया जाए।