बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किए गए एक गंभीर मरीज को समय पर 108 एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण परिजन मजबूरी में वापस घर ले गए। मामला घाघरा निवासी 48 वर्षीय नारायण भगत से जुड़ा है, जिन्हें छाती और पेट की गंभीर बीमारी के कारण 21 जून को गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हें रिम्स रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने मरीज को रिम्स ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया। परिजनों का कहना है कि कई बार कॉल करने के बाद प्रक्रिया पूरी की गई और जल्द एंबुलेंस भेजने का आश्वासन दिया गया, लेकिन शाम 7 बजे तक वाहन नहीं पहुंचा।
परिजनों ने निजी एंबुलेंस संचालकों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां अधिक किराये की मांग की गई। जबकि 108 सेवा के कॉल सेंटर से करीब 2600 रुपये किराया बताया गया था। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परिजन मरीज को लेकर घर लौटने का फैसला करने लगे।
मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक नवीन चंद्र से फोन पर बात कर तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला प्रबंधक ने आधे घंटे में वाहन भेजने की बात कही, लेकिन डेढ़ घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।
अंततः इंतजार से परेशान परिजन मरीज नारायण भगत को लेकर अपने गांव घाघरा लौट गए। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए समय पर एंबुलेंस नहीं मिलना जानलेवा साबित हो सकता है।