स्थायीककर ठेकारण और बकाया भुगतान की मांग को ले मजदूर संघ का प्रदर्शन, डीसी को सौंपा ज्ञापन
पूर्वी सिंहभूम, 07 जुलाई (हि.स.)।** टाटा स्टील में वर्ष 1981 से 1990 के बीच आपातकालीन अवधि में कार्य करने वाले स्थायीकरण से वंचित आश्रित मजदूरों की मांगों को लेकर मंगलवार को **झारखंड स्टील ठेका मजदूर संघ** ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इसके बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर लंबित मामलों के समाधान की मांग की।
संघ नेता **फनी भूषण महतो** ने कहा कि आपातकाल के दौरान आदिवासी, मूलवासी और स्थानीय मजदूरों ने कठिन परिस्थितियों में टाटा स्टील के उत्पादन को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन इसके बावजूद कई मजदूरों को स्थायी नौकरी नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई श्रमिकों को बिना सूचना काम से हटाया गया और अक्टूबर 1990 तक का बकाया वेतन भी अब तक नहीं मिला है।
संघ ने दावा किया कि प्रभावित मजदूर पिछले **36 वर्षों से न्याय की मांग को लेकर संघर्षरत** हैं। प्रबंधन के आग्रह पर कई बार मजदूरों की सूची और दस्तावेज जमा किए गए तथा वार्ता भी हुई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया।
मजदूर संघ ने मांग की है कि स्थायीकरण से वंचित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सम्मानजनक मुआवजा पैकेज दिया जाए, वर्ष 1990 से लंबित डीए और बेसिक वेतन का भुगतान किया जाए तथा आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्थानीय उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।