वृद्धाश्रम में भावुक कर देने वाला पल! DC ने कहा- “हम सब लोग आपके ही हैं…”

रांची, 31 जुलाई : प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच मानवीय संवेदनाओं की एक अनूठी मिसाल शुक्रवार को नगड़ी स्थित वृद्धाश्रम में देखने को मिली। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री नियमित निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम पहुंचे और वहां रह रहे बुजुर्गों का हालचाल जाना। इस दौरान एक बुजुर्ग द्वारा पूछे गए एक भावुक सवाल और उपायुक्त के आत्मीय जवाब ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।

 

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य कारणों से अपने कमरे से बाहर नहीं आ सके बुजुर्गों से मिलने उपायुक्त स्वयं उनके कक्ष तक पहुंचे। चतरा निवासी एक बुजुर्ग ने उनका हाथ पकड़कर पूछा, “मेरा कोई है का…?” इस पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने उनका हाथ थामते हुए मुस्कुराकर कहा, “हम सब लोग आपके ही हैं।” यह सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी भावुक हो उठे।

इस अवसर पर वृद्धाश्रम की एक बुजुर्ग माताजी ने भजन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और आत्मीयता से भर गया। उपायुक्त, प्रोबेशनर आईएएस आस्था शरण, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह सहित सभी उपस्थित लोग भजन की धुन पर तालियां बजाते नजर आए।

निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग ने उपायुक्त से डूरंड कप फुटबॉल मैच देखने की इच्छा जताई। इस पर उपायुक्त ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इच्छुक बुजुर्गों के लिए मैच देखने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पिछली मुलाकात में बुजुर्गों की पसंद को याद रखते हुए इस बार उपायुक्त अपने साथ मिठाइयां भी लेकर पहुंचे। उन्होंने स्वयं सभी बुजुर्गों को मिठाई खिलाई और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। विशेष रूप से उस बुजुर्ग माताजी की इच्छा पूरी की गई, जिन्होंने पिछली बार मिठाई खाने की बात कही थी।

उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में रह रहे सभी बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर चिकित्सा सुविधा, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान, चापानल लगाने, साफ-सफाई, हरियाली संरक्षण तथा बिजली और प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर बनाने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इसके बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण बनाए रखने, बेड की पर्याप्त व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने यह संदेश दिया कि शासन केवल योजनाओं और आदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अपनत्व के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में भी उम्मीद की नई रोशनी ला सकता है।

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Author: haqeeqatnaama

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