60 दिनों में करें आवेदन, नहीं तो होगी कार्रवाई
झारखंड सरकार ने बिना नक्शा (अनधिकृत) बने भवनों को वैध करने के लिए “झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स, 2026” लागू कर दिया है। नगर विकास विभाग की नई अधिसूचना के मुताबिक अब भवन मालिकों को 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा।
📰 क्या है नया नियम?
31 दिसंबर 2024 से पहले बने भवन ही नियमित (वैध) किए जाएंगे
आवेदन सिर्फ ऑनलाइन मोड में होगा, ऑफलाइन स्वीकार नहीं
तय समय में आवेदन नहीं करने पर:
अवैध निर्माण का केस
और तोड़ने की कार्रवाई संभव
🏢 किन भवनों को मिलेगी वैधता?
अधिकतम 3 मंजिला (G+2) या 10 मीटर ऊंचाई तक
300 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर बने भवन
केवल रैयती जमीन पर बने मकान
❌ इन पर नहीं मिलेगी राहत:
आदिवासी जमीन
सरकारी जमीन
नदी-नाला के आसपास बने निर्माण
⚠️ गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई
आवेदन रद्द कर दिया जाएगा
जमा फीस जब्त होगी
भवन को तोड़ने की कार्रवाई भी हो सकती है
💧 रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
अगर भवन में यह सिस्टम नहीं है, तो मालिक को शपथ पत्र देना होगा कि:
6 महीने के भीतर सिस्टम लगाना होगा
💰 कितना लगेगा शुल्क?
🏠 आवासीय भवन: ₹10,000
🏢 व्यावसायिक भवन: ₹20,000
आवेदन के समय कम से कम 50% फीस जमा करना जरूरी
बाकी राशि 3 किस्तों में
अतिरिक्त खर्च:
लेबर सेस: ₹17.22 प्रति वर्गफीट
(1000 वर्गफीट = ₹17,220)
आर्किटेक्ट फीस: ₹15 प्रति वर्गफीट
🌐 कैसे करें आवेदन?
ऑनलाइन आवेदन करना होगा बिल्डिंग प्लान अप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम (BPAMS) पोर्टल पर।
जरूरी दस्तावेज:
साइट प्लान और भवन का नक्शा
भवन की फोटो
जमीन का डीड
खतियान, लगान रसीद
होल्डिंग नंबर
स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट
व्यावसायिक भवन के लिए फायर NOC
⚖️ पुराने केस वालों को राहत
जिन भवनों पर पहले से केस चल रहा है
वे भी आवेदन कर सकते हैं
नक्शा पास होने पर:
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलेगा
और पुराने केस वापस हो जाएंगे
📊 रांची की स्थिति
रांची में:
कुल भवन: करीब 2.5 लाख
स्वीकृत नक्शा वाले: 55 हजार
बिना नक्शा: 1.95 लाख
👉 अनुमान है:
करीब 1 लाख भवन वैध हो जाएंगे
लेकिन 95 हजार भवन अभी भी अवैध रहेंगे
🧾 निष्कर्ष
यह नियम उन लोगों के लिए बड़ा मौका है जिन्होंने बिना नक्शा मकान बना लिया था। लेकिन समय सीमा और शर्तों का पालन बेहद जरूरी है, वरना कार्रवाई तय है।