पूर्वी सिंहभूम, 17 जून (हि.स.)। जमशेदपुर में बुधवार को राष्ट्रीय स्तर की छात्र संगोष्ठी “बिहाइंड द टीचर्स डेस्क (बीटीटीडी-2026)” का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह आयोजन 17 से 19 जून तक CSIR–National Metallurgical Laboratory परिसर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन Indian Institute of Metals जमशेदपुर चैप्टर, Tata Steel Limited, सीएसआईआर–एनएमएल और National Institute of Technology Jamshedpur के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में सीएसआईआर–एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। समारोह में आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अतनु रंजन पाल, बीटीटीडी-2026 के अध्यक्ष डॉ. चिरदीप घोष, आयोजन संयोजक डॉ. ललित कुमार मीणा समेत कई वैज्ञानिक, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
डॉ. संदीप घोष चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य को हासिल करने में धातुकर्म, सामग्री विज्ञान और खनन क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जुड़े रहने और शोध गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अतनु रंजन पाल ने कहा कि भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों का समाधान टिकाऊ, किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्रियों के विकास में छिपा है। उन्होंने छात्रों से नवाचार के साथ मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।
संगोष्ठी के अध्यक्ष डॉ. चिरदीप घोष ने बताया कि इस वर्ष करीब 40 शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। तकनीकी सत्रों में कुल 104 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा मेटालर्जिकल क्विज, मेटा-रियल क्विज, वाद-विवाद प्रतियोगिता और औद्योगिक भ्रमण जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
इस संगोष्ठी में Indian Institute of Technology (BHU) Varanasi, Indian Institute of Technology Hyderabad, Indian Institute of Technology (Indian School of Mines) Dhanbad, Indian Institute of Technology Kharagpur सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के शोधार्थी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ललित कुमार मीणा ने अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन समितियों के प्रति आभार जताया। आने वाले दिनों में डॉ. सुजॉय हाजरा, फादर डॉ. जोसेफ मैथ्यू, सब्यसाची रॉय और डॉ. विवेक श्रीवास्तव जैसे विशेषज्ञ अपने व्याख्यान देंगे, जिनमें उद्योग, अनुसंधान और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
बीटीटीडी-2026 युवा शोधकर्ताओं और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए ज्ञान-विनिमय, तकनीकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित होने की उम्मीद है।