रांची, 17 जून (हि.स.)। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। मनरेगा कर्मचारी बीते 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की मांगों में स्थायीकरण, ग्रेड पे, स्वास्थ्य बीमा, सामाजिक सुरक्षा, लंबित बकाया मानदेय का भुगतान, हड़ताल अवधि का मानदेय सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
संघ ने 15 जून को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समीप दिवंगत मनरेगा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद 16 जून को सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार से आमरण अनशन की शुरुआत की गई।
संघ का कहना है कि 156 मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी और मुआवजा दिया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संघ की ओर से 19 जून को धरनास्थल नागाबाबा लोक भवन से जयपाल सिंह स्टेडियम तक मानव श्रृंखला प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
आमरण अनशन और धरना कार्यक्रम में झारखंड मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय, सचिव मो. यासीन अंसारी, विकास पांडेय, नन्हे परवेज, संजय प्रमाणिक, सकलु उरांव, गोपाल उरांव, सुशील उरांव, अजित उरांव, रामरतन उरांव, फिरोज अहमद, मिनहाज अंसारी, रोहित ठाकुर सहित कई मनरेगा कर्मचारी मौजूद रहे।