16 जुलाई से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा, 15 दिन पहले बीमार पड़ते हैं भगवान जगन्नाथ

 विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होगी और 24 जुलाई तक चलेगी। रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विशेष धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं।

मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के जल से महास्नान कराया जाता है। इस महाभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं और उन्हें बुखार आने की मान्यता है।

इसके बाद भगवान को लगभग 15 दिनों तक विश्राम कराया जाता है। इस अवधि को अनसर काल कहा जाता है। इस दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन नहीं होते और उनकी सेवा में औषधीय भोग तथा विशेष उपचार की परंपरा निभाई जाती है।

मान्यता है कि उपचार के बाद भगवान स्वस्थ होते हैं और फिर भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके बाद भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को खींचने के लिए शामिल होते हैं।

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Author: Lucky Sahu