राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पर भाकपा माले का हमला, निष्पक्ष जांच की मांग

राज्यसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस प्रत्याशी की हार को लेकर भाकपा माले ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने इसे झारखंड और इंडिया गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए सहयोगी दलों पर आरोप लगा रही है।

भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि गठबंधन के फैसले के अनुसार पार्टी के दोनों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। मतदान के बाद पार्टी प्रतिनिधियों ने मतपत्रों का सत्यापन भी किया था और उन्हें सही पाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि परिणाम आने के बाद कांग्रेस नेताओं और पोलिंग एजेंट की ओर से भाकपा माले और राजद पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

मनोज भक्त ने कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों के मतदान की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड की राजनीतिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली स्थिति कैसे बनी। उन्होंने इसे गठबंधन की भावना के खिलाफ बताया।

भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य और पोलिंग एजेंट हलधर महतो ने वर्ष 2022 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदरूनी विरोधाभास और बयानबाजी से पार्टी का अवसरवादी रवैया सामने आता है।

उन्होंने कहा कि भाकपा माले जनसंघर्षों की राजनीति करती है और पद या धन के दबाव में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी। पार्टी ने सांप्रदायिक और कॉरपोरेट ताकतों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही।

केन्द्रीय कमिटी सदस्य गीत मंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की जांच कराने और गठबंधन की एकता को कमजोर करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता और मंत्री राज्य के जल-जंगल-जमीन से जुड़े मुद्दों पर कॉरपोरेट हितों के करीब हैं, जिससे भाजपा विरोधी और जनपक्षधर राजनीति प्रभावित हो रही है।

 

Lucky Sahu
Author: Lucky Sahu